खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में 18 फरवरी को शिक्षक संघ की आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के तहत लंबित प्रमोशन को शीघ्र पूरा किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने एकमत से कहा कि लगभग पांच वर्षों से शिक्षकों के प्रमोशन लंबित हैं, जिससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा है और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। संघ ने बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय में केवल दो प्रोफेसर और तीन एसोसिएट प्रोफेसर कार्यरत हैं। समय पर प्रमोशन नहीं होने के कारण दो संकाय अधिष्ठाता (डीन) के पद रिक्त हैं। शिक्षकों ने चिंता जताई कि यदि समय पर प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी होती, तो कई शिक्षक एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और डीन के पद पर पदोन्नत हो सकते थे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि करियर एडवांसमेंट स्कीम के अंतर्गत प्रमोशन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने हेतु कुलपति को पत्र लिखा जाएगा। इसकी प्रतिलिपि माननीय राज्यपाल, उच्च शिक्षा विभाग तथा ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गेनाइजेशन को भी प्रेषित की जाएगी, ताकि यदि कोई वैधानिक अड़चन हो तो उसका समाधान किया जा सके। संघ ने यह भी प्रस्ताव रखा कि जिन संकायों में वर्तमान में अधिष्ठाता नहीं हैं, वहां प्रमोशन की कार्रवाई पूर्ण होने तक किसी अन्य डीन को अधिकृत किया जाए। इसके अलावा सातवें वेतनमान के एरियर की लंबित राशि का शीघ्र भुगतान किए जाने की मांग भी उठाई गई। बैठक में विश्वविद्यालय संग्रहालय के एक अधिकारी द्वारा इतिहास विभाग के शिक्षक के विरुद्ध की गई कथित निराधार शिकायत का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से संबंधित अधिकारी पर ठोस कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में शिक्षकों के विरुद्ध बेबुनियाद आरोप लगाने की पुनरावृत्ति न हो। अन्य मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली तथा विश्वविद्यालय की प्रकृति के अनुरूप प्रमोशन हेतु पूर्व में प्रेषित एपीआई के नवीन प्रारूप को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग शामिल रही। बैठक में डॉ. मंगलानंद झा (अध्यक्ष), डॉ. विवेक नवरे (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), डॉ. दिवाकर कश्यप (कनिष्ठ उपाध्यक्ष), डॉ. मेदनी होम्बल (सहसचिव), डॉ. दीपशिखा पटेल (कोषाध्यक्ष), डॉ. नमन दत्त, डॉ. वेंकट रमन गुड़े, डॉ. देव माइत मिंज, डॉ. पूर्णिमा केलकर, डॉ. रवि नारायण गुप्ता, डॉ. कौस्तुभ रंजन, डॉ. शिवाली सिंह बैस, डॉ. सुशांत दास, जगदेव नेताम, संदीप किंडों तथा डॉ. हरिओम हरि उपस्थित रहे।
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