खैरागढ़ । रंगों और उल्लास के पर्व होली की आहट के बीच खैरागढ़ जिला मुख्यालय के समीप ग्राम ईटार से ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई जिसने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। जहां घरों में गुलाल और अबीर की तैयारी हो रही थी वहीं दो मासूम बच्चों की असमय मौत ने खुशियों के रंगों को मातम में बदल दिया। साल्हेवारा बांध में नहाने गए तनिश डहारे (9 वर्ष) और समीर सोनवानी (12 वर्ष) की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई जबकि उनके साथ गया 13 वर्षीय कुलेश्वर सोनवानी बाल-बाल बच गया। होली जैसे त्योहार बच्चों के लिए खास होते हैं रंग पिचकारी, हंसी-ठिठोली और छुट्टियों की मस्ती। लेकिन ईटार गांव के इन नन्हे कदमों ने खेल-खेल में ऐसी राह पकड़ ली जो कभी वापस घर नहीं लौटी। दोपहर में आटा चक्की का काम निपटाकर तीनों दोस्त गर्मी से राहत पाने बांध की ओर मुड़ गए। मासूम मन को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं था। नहाते-नहाते तनिश और समीर अचानक गहरे पानी में समा गए।किस्मत ने तीसरे दोस्त कुलेश्वर का साथ दिया। वह किनारे उगी बेशरम की झाड़ियों में फंस गया और उन्हीं का सहारा लेकर बाहर निकल सका। सहमे हुए कदमों और कांपती आवाज में उसने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी। जब तक ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकाला तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक ही गांव के दो मासूमों की एक साथ हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। जिन आंगनों में होली की तैयारी थी वहां अब सन्नाटा पसरा है। माताओं की चीखें और परिजनों का विलाप सुनकर हर आंख नम है।
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