छुईखदान। अंकित महोबिया - नगर में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों और यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। वार्ड क्रमांक 10 स्थित आंगनबाड़ी परिसर में प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक शराब और गांजा सेवन करने वालों का जमावड़ा लगने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात तक चलने वाली इन गतिविधियों से क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है और महिलाओं व बच्चों में भय का वातावरण बना हुआ है। बताया जाता है कि जैसे ही पुलिस वाहन का सायरन सुनाई देता है, असामाजिक तत्व आंगनबाड़ी के पीछे छिप जाते हैं, जिससे कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पा रही। यह समस्या केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। पुलिस थाना के सामने स्थित केकती बड़ी मैदान और राजमहल के पास शिव मंदिर क्षेत्र में भी नशाखोरी और अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस द्वारा औपचारिक कार्रवाई तो की जा रही है, लेकिन संवेदनशील स्थानों पर नियमित और रणनीतिक निगरानी का अभाव दिखाई देता है, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं। इसी बीच जय स्तंभ चौक पर तेज रफ्तार वाहनों की समस्या भी गंभीर रूप लेती जा रही है। यह चौक सीधे पुलिस थाना के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होने के बावजूद ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण नहीं दिख रहा। देर रात तेज रफ्तार बाइक और कारें राहगीरों के लिए खतरा बन चुकी हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है. नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, नशाखोरी वाले स्थानों पर सादी वेशभूषा में निगरानी रखी जाए, जय स्तंभ चौक पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं तथा नियमित चालान कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाने की भी मांग की गई है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इन बढ़ती समस्याओं पर कब तक ठोस कार्रवाई करते हैं, ताकि छुईखदान के नागरिकों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिल सके।
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