खैरागढ़। ग्राम चिचोला की 14 वर्षीय एक बालिका की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र को शोक और आक्रोश से भर दिया है। मासूम को न्याय दिलाने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर गांव के युवाओं, ग्रामीणों एवं सरपंच के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। हाथों में मोमबत्तियां लिए लोगों ने एक स्वर में न्याय की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना न केवल एक बेटी की हत्या है बल्कि विश्वास और इंसानियत पर भी गहरा आघात है। जानकारी के अनुसार घटना 28 मार्च 2026 की है। बालिका अपने मामा के विवाह समारोह में शामिल होने ग्राम पिपरिया आई हुई थी। रिसेप्शन के दौरान रात लगभग 11:30 बजे वह अचानक लापता हो गई। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन पिता की शिकायत पर थाना खैरागढ़ में अपहरण का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी मोहन वर्मा 27 वर्ष ने अपने साथी हरीश वर्मा 31 वर्ष और एक नाबालिग के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध की साजिश रची। आरोपियों ने बालिका को मिलने के बहाने बुलाया और मोटरसाइकिल से डोंगरगढ़ की ओर ले गए। रास्ते में सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसके कपड़े बदलवाए गए और मोबाइल फोन तोड़ दिया गया। इसके बाद आरोपी ट्रेन से बिलासपुर की ओर रवाना हुए। यात्रा के दौरान विवाद बढ़ने पर जयरामनगर स्टेशन के पास चलती ट्रेन से बालिका को धक्का दे दिया गया जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के विरोध में 7 बजे ग्रामीणों ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च अवंति चौक से प्रारंभ होकर गौठान चौक, साहू पारा होते हुए पुनः अवंति चौक पहुंचा जहां सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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