डोंगरगढ़।सोन कुमार सिन्हा - खाद वितरण में लागू पंजीयन और टोकन व्यवस्था को लेकर डोंगरगढ़ के पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का किसान आज खेत में कम और सरकारी पोर्टल, पंजीयन व टोकन की पेचीदगियों में ज्यादा उलझ गया है। भुनेश्वर बघेल ने कहा कि जिस किसान के हाथ में खाद की बोरी होनी चाहिए, उसके हाथ में आवेदन और टोकन की पर्ची थमा दी गई है। गांव-गांव में किसान सुबह से लंबी कतारों में खड़े हैं। कोई सर्वर डाउन की समस्या से परेशान है तो किसी को टोकन खत्म होने की वजह से खाद नहीं मिल पा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि बोवाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद के लिए भटकाया जा रहा है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। बघेल ने सवाल उठाया कि यदि सरकार की मंशा साफ है तो किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने में परेशानी क्यों हो रही है। पूर्व विधायक ने कहा कि बुजुर्ग किसान दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और छोटे किसान बिचौलियों के भरोसे हो गए हैं। उन्होंने इसे किसान विरोधी मानसिकता बताते हुए कहा कि किसान कोई प्रयोगशाला का विषय नहीं, बल्कि देश की अन्नशक्ति है। भुनेश्वर बघेल ने राज्य शासन से मांग की कि खाद वितरण में लागू किसान विरोधी आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए तथा किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ किसान का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा और अन्नदाता को अधिकार चाहिए, टोकन और परेशान करने वाली व्यवस्था नहीं।
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