दुर्ग।सोन कुमार सिन्हा - शासन के महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार के दौरान आम नागरिकों के साथ कथित अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के आरोपों ने जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पाण्डेय को भारी पड़ गया। दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्य नारायण राठौर ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर दुर्ग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के वीडियो फुटेज के अवलोकन के बाद यह प्रथम दृष्टया पाया गया कि श्री पाण्डेय ने आम नागरिकों के साथ अशिष्ट व्यवहार किया तथा अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। इस मामले में उन्हें 30 मई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि श्री पाण्डेय का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 और नियम-3(क) के प्रावधानों के विपरीत है। नियमों के अनुसार प्रत्येक शासकीय सेवक को सन्निष्ठ, कर्तव्यपरायण एवं आम जनता के प्रति शिष्ट व्यवहार रखना अनिवार्य है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए श्री रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। वहीं प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए महेन्द्र कुमार जांगड़े, प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ जनपद पंचायत दुर्ग के CEO का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
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