राजनांदगांव।सोन कुमार सिन्हा - दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के मेधावी बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन रविवार को स्पीकर हाउस राजनांदगांव में देखने को मिला। विधानसभा अध्यक्ष Dr. Raman Singh ने छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत आयोजित सम्मान समारोह में प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ये बच्चे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई कर रहे बच्चे अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर शहरों के विद्यार्थियों को चुनौती दे रहे हैं। यह उनकी नैसर्गिक प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने की सीख देते हुए कहा कि डॉक्टर और इंजीनियर के साथ-साथ शिक्षक, प्रोफेसर, वकील तथा अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट योगदान देकर देश निर्माण में भागीदारी निभाई जा सकती है।
बालिकाओं का आत्मविश्वास बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्राओं नम्रता नेताम और प्रेरणा साहू ने मंच से निर्भीक होकर अपने सपनों को साझा किया। दोनों ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का संदेश दिया। वहीं छात्र हितेश को उन्होंने लकी कॉइन भेंट कर मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों के लिए शिक्षा बना बदलाव का माध्यम
वनमंडलाधिकारी Ayush Jain ने बताया कि वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण सत्र में जिले में 16,517.502 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया गया, जिसमें 18,412 संग्राहक परिवारों ने भाग लिया। संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में 9.08 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2025 में 448 छात्र-छात्राओं को 60.81 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
सरकार की योजनाओं से बदली वनवासियों की तस्वीर
डॉ. रमन सिंह ने चरण पादुका योजना, प्रयास आवासीय विद्यालय और शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने वनवासी परिवारों के जीवन स्तर और बच्चों की शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता की प्रतिमानक दर को बढ़ाकर 5,500 रुपये किया गया है, जिससे संग्राहक परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
सफलता के नए आयाम स्थापित करें
समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

