छुईखदान -अंकित महोबिया - छुईखदान ब्लॉक के ग्राम गेरू खदान से शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही और संभावित साठगांठ का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वर्ष 2011 से स्कूल से नदारद एक शिक्षक पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित शिक्षक स्कूल में पढ़ाने के बजाय जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के साथ रहता है और उनकी गाड़ी चलाने का काम करता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्राम पंचायत गेरू खदान के सरपंच मेरावी ने बताया कि इस मामले को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन हर बार इसे नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा, “न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई, जबकि शिक्षक वर्षों से स्कूल से गायब है। इधर, शिक्षक के अभाव में गांव के स्कूल की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और अभिभावकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एक ओर सरकार शिक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझा। इससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर संदेह और गहरा गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिकायतें और खबरें सामने आने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? क्या संबंधित अधिकारियों पर किसी प्रकार का दबाव है या फिर मामला संरक्षण के चलते दबाया जा रहा है? ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षक पर कार्रवाई नहीं की गई और स्कूल में नियमित शिक्षक की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे ब्लॉक और जिला स्तर पर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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