खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा के नेतृत्व में एक वर्ष का कार्यकाल उल्लेखनीय उपलब्धियों और नवाचारों से भरा रहा है। विश्वविद्यालय को आधुनिक, प्रगतिशील और पर्यावरण-सचेत बनाने के संकल्प के साथ शुरू हुआ यह कार्यकाल शैक्षणिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक बदलावों का साक्षी बना। कुलपति के मार्गदर्शन में परिसर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए कचरों से कम्पोस्ट खाद निर्माण, वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना तथा हरित पहल के तहत सब्जियों का उत्पादन जैसे कार्य किए गए। साथ ही, जर्जर भवनों की मरम्मत और नए निर्माण कार्यों से अधोसंरचना को मजबूत किया गया। शैक्षणिक क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया। पीएचडी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार कर उसी दिन परिणाम घोषित करना और त्वरित साक्षात्कार आयोजित करना एक बड़ी उपलब्धि रही। बाहरी विशेषज्ञों से कॉपियों का मूल्यांकन कर परीक्षा परिणाम भी समय पर जारी किए गए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित कार्यशालाओं से विद्यार्थियों को नई शिक्षा प्रणाली से जोड़ा गया। कला और संस्कृति के विस्तार के लिए विश्वविद्यालय ने कई संस्थानों के साथ एमओयू किए, वहीं “श्रुति मंडल” जैसे नियमित कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों को मंच प्रदान किया गया। लोक कला और संगीत के संरक्षण के लिए निरंतर आयोजन और कार्यशालाएं भी की गईं। खैरागढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए वर्षों से बंद राधा-कृष्ण मंदिर और ऐतिहासिक महल के हिस्सों को पुनः आमजन के लिए खोला गया। वहीं, बंद पड़े खैरागढ़ महोत्सव को पुनः शुरू कर हजारों दर्शकों को आकर्षित किया गया। विद्यार्थियों की उपलब्धियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ललित कला अकादमी की छात्रवृत्ति में चयन, राष्ट्रीय युवा उत्सवों में उत्कृष्ट प्रदर्शन और विदेशी विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या विश्वविद्यालय की बढ़ती साख को दर्शाती है। सामाजिक सरोकारों के तहत नशा मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य, NSS शिविरों और गोद ग्रामों में कला शिक्षा के प्रचार-प्रसार जैसे प्रयास भी किए गए। पुस्तक मेला, संगोष्ठियां, नाट्य महोत्सव और दीक्षांत समारोह जैसे आयोजनों ने शैक्षणिक वातावरण को और समृद्ध किया। प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुईं, जिनमें 55 सीटर एसी बस और एम्बुलेंस की स्वीकृति, नए पदों पर भर्ती की अनुमति तथा विद्यार्थियों के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण भोजन व्यवस्था हेतु कैंटीन संचालन शामिल हैं. कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने बीते एक वर्ष में विकास, नवाचार और सांस्कृतिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुआ है जिससे न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है।
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