खैरागढ़ - नगर पालिका इन दिनों अपने कथित भ्रष्टाचार के लिए चर्चा में है। आगे पाठ पीछे सपाट की राजनीति में उलझी नगर पालिका ने जनता के टैक्स के पैसे से ऐसी महंगी मशीनें खरीद ली है जिनका आज तक उपयोग नहीं हुआ। निजी लाभ और कमीशन के चक्कर में खरीदे गए इन उपकरणों पर अब जंग लग रही है, यानी जनता का पैसा धीरे-धीरे जंग के रूप में कबाड़ होकर खत्म हो रहा है। इन्हीं बेकार पड़े उपकरणों के बीच अब नपा ने प्लास्टिक बेलिंग मशीन जो प्लास्टिक कचरे को संपीडित कर गांठ बनाती है और ठोस अपशिष्ट सिंगल शाफ्ट श्रेडर जो ठोस कचरे को छोटे-छोटे टुकड़ों में पीसने का काम करती है उसे खरीदने के लिए निविदा जारी कर दी है हालाकि नई मशीनों की खरीदी से पहले पुरानी मशीनों का उपयोग करना चाहिए लेकिन कमीशन के लालच मे सरकारी पैसे का बंदरबांट करने लाखो रूपयो की अलग अलग मशीने लेने के बाद अब प्लास्टिक बेलिंग मशीन के रूप में नपा के जिम्मेदार नया कारनामा करने जा रहे है।
करोड़ों की मशीने हो रही कबाड़
डीएमएफ जिला खनिज निधि की राशि से करीब 36 लाख रुपये से खरीदा गया अग्नि शमन यंत्र फायर ब्रिगेड सालो से सडको पर नजर नही आया है। गाड़ी तो गाड़ी अब पालिका में इसकी फाइल तक मौजूद नहीं है। पंद्रहवे वें वित्त की राशि से बिना अनुमोदन के 36 लाख रुपये की डी-कम्पोस्ट मशीन जैविक कचड़े से खाद बनाने वाली मशीन खरीदी गई, जो धरमपुरा में ग्रीन नेट ढककर जंग खा रही है। वहीं स्वच्छता दीदियों की आमदनी बढ़ाने के नाम पर 20 लाख रुपये की पेवर ब्लॉक मशीन सीमेंट के इंटरलॉकिंग ब्लॉक बनाने वाली मशीन खरीदी गई पर पिछले 4 सालों से वह धरमपुरा मणिकंचन केंद्र में धूल फांक रही है। इसी तरह पंद्रहवे वित्त से 1 करोड़ 32 लाख रुपये से खरीदे गए ई-रिक्शा और वाहनों की क्वालिटी इतनी खराब है कि इसकी चर्चा मणिकंचन केंद्र की महिलाएँ भी करती हैं। इसके अलावा, 3-4 साल पहले करीब 16 लाख रुपये की नाला -चेन मशीन नालों की सफाई करने वाली विशेष मशीन खरीदी गई लेकिन आज तक उसे छुआ तक नहीं गया। सारी मशीनें रख-रखाव के अभाव में नपा के अलग अलग भवनो में कबाड़ हो रही हैं। सालो से नपा ने करोड़ों की मशीनें खरीदी पर धरातल में उसका उपयोग नही हुआ हैं।
जेम पोर्टल से की जा रही खरीदी
बेलिंग मशीन की खरीदी जेम पोर्टल से की जा रही है, यह मशीन पॉलिथीन और प्लास्टिक वेस्ट को बंडल बनाकर बेचने के उपयोग में लाई जाती है। शहर से जो पॉलिथीन कचरा आता है उसे मशीन में डालकर सीधा कर बंडल तैयार किया जाता है। अन्य मशीनों के बारे में अभी कुछ नहीं बता सकता। पुनीत वर्मा, सीएमओ

