छुईखदान ।अंकित महोबिया - छत्तीसगढ़ और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले की पहली 'पान दुकान' का शुभारंभ शुक्रवार को कलेक्टर श्री इंद्रजीत चंद्रवाल ने छुईखदान में किया। पान अनुसंधान केंद्र और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल से शुरू हुई यह अनूठी दुकान न केवल छुईखदान की 250 वर्ष पुरानी पान परंपरा को नई पहचान देगी, बल्कि किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमिता के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल पान की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि पान की पारंपरिक खेती को पुनर्जीवित कर उसे आधुनिक बाजार से जोड़ना, किसानों की आय बढ़ाना और महिलाओं को स्वरोजगार से सशक्त बनाना है।
250 साल पुरानी विरासत को मिला नया मंच
छुईखदान क्षेत्र में पान की खेती का इतिहास करीब 250 वर्ष पुराना है। समय के साथ यह परंपरा कमजोर होती चली गई, लेकिन अब पान अनुसंधान केंद्र और जिला प्रशासन के प्रयासों से इसे फिर से जीवंत किया जा रहा है। पहले चरण में किसानों के खेतों में 5 पान बरेजा स्थापित किए गए हैं और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पान उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अब पान सिर्फ पत्ते तक सीमित नहीं
नई पान दुकान में पान से तैयार किए गए कई आकर्षक और मूल्यवर्धित उत्पाद उपलब्ध होंगे। इनमें पान चॉकलेट, पान लड्डू, पान अप्पे, पान चीला, पान सैंडविच, पान पाउडर और पान रिफ्रेश जैसे उत्पाद शामिल हैं। इनका निर्माण स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह और पान उत्पादक किसान कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार और बेहतर बाजार मिल रहा है।
महिलाओं की आजीविका को मिलेगा नया सहारा
इस पहल से महिला स्व-सहायता समूहों को पान आधारित उत्पाद तैयार कर उनकी बिक्री का स्थायी मंच मिलेगा। जिला प्रशासन का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर पान आधारित उद्यमिता विकसित होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
स्वाद के साथ स्वास्थ्य पर भी फोकस
पान की पत्तियों में मौजूद जैव-सक्रिय और पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक पान को आधुनिक और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों तक पान के नए स्वरूप को पहुंचाना है।
सोमवार से शनिवार तक खुली रहेगी दुकान
पान दुकान सोमवार से शनिवार, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित होगी। यहां नागरिक पान से बने विभिन्न स्वादिष्ट एवं मूल्यवर्धित उत्पाद खरीद सकेंगे।
गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अविनाश कुमार गुप्ता, तहसीलदार मोक्षदा देवांगन, सहायक संचालक स्नेहलता सिन्हा, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, वैज्ञानिक, अधिकारी-कर्मचारी, पान उत्पादक किसान, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं और विद्यार्थी सहित लगभग 120 लोग उपस्थित रहे।

