खैरागढ़। जिले में अवैध खनन का कारोबार अब सिर्फ चोरी-छिपे होने वाला काम नहीं रह गया बल्कि खुलेआम दादागिरी और दबंगई के सहारे धरती मां का सीना चीरकर ल;लाखो का खेल खेला जा रहा है. मुरुम, रेत और बजरी के अवैध उत्खनन में लगे लोग इतने बेखौफ हो चुके हैं कि ग्रामीणों के विरोध करने पर उन्हें डराने-धमकाने से भी पीछे नहीं हटते. ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं कि अवैध खनन करने वाले लोग खुद को खनिज विभाग में सेटिंग वाला बताकर खुलेआम चुनौती देते हैं. विरोध करने वालों से अड़ियल लहजे में कहा जाता था जहां शिकायत करना है कर लो हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता. लेकिन आखिरकार प्रशासन ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश देने की कोशिश की है.
रात 9 बजे खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक पिपरिया निवासी इमरान खान की जेसीबी और हाईवा द्वारा अवैध तरीके से मुरुम खनन किए जाने की शिकायत लगातार मिल रही थी. इसी आधार पर खनिज विभाग ने रात्रि लगभग 9 बजे कार्रवाई करते हुए जेसीबी क्रमांक CG 08 AZ 6778 एवं हाईवा क्रमांक CG 04 JD 7693 को पकड़कर कार्रवाई की. बताया जा रहा है कि लंबे समय से इन वाहनों के जरिए अवैध उत्खनन किया जा रहा था और ग्रामीणों में इसे लेकर भारी नाराजगी थी.
अन्य वाहनों पर भी कार्रवाई
खनिज विभाग ने कार्रवाई के दौरान जालबांधा निवासी जयकरण वर्मा के ईंट से भरे ट्रैक्टर तथा खैरागढ़ निवासी महेंद्र हिरवानी की रेत से भरी गाड़ी पर भी कार्रवाई की है।
ग्रामीणों में सवाल क्या अब रुकेगा अवैध खनन?
ग्रामीणों का कहना है कि जिले में कई स्थानों पर रात के अंधेरे में मशीनों से अवैध उत्खनन किया जाता है. खेतों, नालों और ग्रामीण सड़कों के किनारे लगातार खनन होने से पर्यावरण और सरकारी राजस्व दोनों को भारी नुकसान पहुंच रहा है. लोगों का आरोप है कि खनन माफिया इतने हावी हो चुके हैं कि प्रशासनिक कार्रवाई का भी उन्हें डर नहीं रह गया था. अब देखना होगा कि यह कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता साबित होती है या जिले में अवैध खनन के पूरे नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा जाएगा.

