खैरागढ़ । एक ओर शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना हर जरूरतमंद को पक्का घर उपलब्ध कराने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत पवनतरा के कई देवार परिवार आज भी झोपड़ियों में जीवन बिताने को मजबूर हैं। योजना की पात्रता सूची में नाम शामिल होने के बावजूद उन्हें अब तक आवास का लाभ नहीं मिल पाया है। इससे निराश ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि वे देवार समाज से आते हैं और रोजी मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में रह रहे हैं। बरसात के दिनों में उनकी परेशानी और बढ़ जाती है, जब टपकती छतों और असुरक्षित दीवारों के बीच
पात्रता सूची में नाम होने के बाद भी नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास, बरसों से कर रहे इंतजार
परिवार के साथ रात गुजारनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में उनका नाम दर्ज है, लेकिन भूमि संबंधी कारणों का हवाला देकर उन्हें आवास स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत स्तर पर उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। करीब 50 वर्षों से गांव में निवास कर रहे इन परिवारों का कहना है कि एक पक्के घर का सपना अब भी अधूरा है। शंकर, हेमा कुर्रे, जीवन ओमकार, राजकुमार, गंगू, सोनारिन, कौशिल्या, बोला और मंजू सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी यह पुकार प्रशासन तक पहुंचेगी और उन्हें भी सम्मानपूर्वक रहने के लिए अपना एक सुरक्षित आशियाना मिल सकेगा।

