छुईखदान। जिला बनने के बाद भी छुईखदान क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित बनी हुई है. खासकर आत्मानंद स्कूल के आसपास स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। यहां नाबालिग छात्र बिना हेलमेट, बिना ड्राइविंग लाइसेंस और क्षमता से अधिक सवारी लेकर दोपहिया वाहन चला रहे हैं। यह न केवल छात्रों की जान के लिए खतरा पैदा कर रहा है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी किसी बड़े हादसे की संभावना बढ़ा रहा है. स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस समस्या की जानकारी कई बार यातायात विभाग और संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जबकि खैरागढ़ में नियमित रूप से यातायात शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं छुईखदान और गंडई क्षेत्र पूरी तरह उपेक्षित नजर आ रहे हैं. नागरिकों का कहना है कि इन क्षेत्रों में न तो कोई यातायात शिविर आयोजित किया गया और न ही स्कूलों में नियमों के पालन के लिए प्रभावी समझाइश दी गई. विशेष रूप से यातायात पुलिस की भूमिका केवल चालान काटने तक सीमित दिख रही है। नाबालिग वाहन चालकों, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करने के बजाय विभाग केवल औपचारिक कार्रवाई करता नजर आ रहा है, जिससे नियमों की खुलेआम अवहेलना लगातार बढ़ती जा रही है. इस मामले पर संवाददाताओं ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से बात की, जहां से केवल आश्वासन मिला कि “जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. लेकिन, जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस संकेत नहीं दिखाई दिए हैं.
क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि यदि जिला बनने के बाद भी यातायात व्यवस्था इसी तरह भगवान भरोसे छोड़ी गई, तो किसी बड़े हादसे की स्थिति में इसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी.
नागरिकों की मांग है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सख्त और स्थायी कार्रवाई की जाए, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और यातायात नियमों का वास्तविक पालन हो.

