खैरागढ़। विश्व आर्द्रभूमि दिवस दो फरवरी को खैरागढ़ वनमंडल अंतर्गत ईको टूरिज्म सेंटर छिंदारी (बांध) में उत्साहपूर्वक मनाया गया. कार्यक्रम का आयोजन वनमंडल अधिकारी श्री पंकज राजपूत (भा.व.से.) के मार्गदर्शन में किया गया. इस अवसर पर महाविद्यालयीन एवं शालेय छात्र-छात्राओं को प्रातःकाल छिंदारी बांध की आर्द्रभूमि का भ्रमण नौका के माध्यम से कराया गया. भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कॉमन पोचार्ड, ग्रीन बी-ईटर, जंगल बेबलर, इंडियन रॉबिन, सरपेंट हैडेड ईगल, इंडियन रोलर सहित अनेक स्थानीय व प्रवासी पक्षियों को नजदीक से देखने का अवसर प्राप्त किया. पक्षी विशेषज्ञों एवं वन अधिकारियों द्वारा पक्षियों की प्रजातियों, उनके महत्व तथा आर्द्रभूमि संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी गई. नौका विहार के पश्चात ईको टूरिज्म सेंटर छिंदारी में विषय आधारित संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत छुईखदान की अध्यक्ष, ग्राम पंचायत बीरूटोला एवं चोरलाडीह के सरपंच, गणमान्य नागरिक, महाविद्यालय व स्कूलों के छात्र-छात्राएं, पक्षी विशेषज्ञ, वनमंडल अधिकारी, संयुक्त वनमंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, क्षेत्रीय कर्मचारी तथा छिंदारी के परिंदे समिति के सदस्य उपस्थित रहे. विश्व वेटलैंड्स दिवस 2026 की थीम “वेटलैंड्स और पारंपरिक ज्ञान : सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाना” रही. इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि आर्द्रभूमियां जल शुद्धिकरण, बाढ़ नियंत्रण और जैव विविधता संरक्षण में अहम भूमिका निभाती हैं तथा इनके संरक्षण में पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय समुदायों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है. मंचीय कार्यक्रम में वनमंडल अधिकारी खैरागढ़ द्वारा आर्द्रभूमि संरक्षण, संवर्धन एवं वनों को आग से बचाने के उपायों पर सरल शब्दों में व्याख्यान दिया गया. कार्यक्रम के उत्तरार्द्ध में उपस्थित जनों ने आर्द्रभूमि संरक्षण की शपथ लेते हुए ‘वेटलैंड मित्र’ बनने का संकल्प लिया. स्वच्छता अभियान के अंतर्गत साफ-सफाई कर छिंदारी क्षेत्र को प्लास्टिक-मुक्त बनाने का संदेश दिया गया. विद्यार्थियों ने सेल्फी प्वाइंट पर फोटो ली तथा वेटलैंड, बर्ड वॉचिंग एवं इको-कैंप छिंदारी को लेकर अपने अनुभव साझा किए.
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