छुईखदान | समाज में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन एवं बच्चों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज छुईखदान स्थित कन्या शाला में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम पर आधारित जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्राओं एवं ग्रामीणजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि कानून के अनुसार लड़के के विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं लड़की के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित आयु से पूर्व किया गया विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो एक दंडनीय अपराध है। इस अपराध में दोषी पाए जाने पर 2 वर्ष तक का कारावास एवं 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इस अवसर पर छात्राओं एवं ग्रामवासियों को बाल विवाह न करने तथा इसकी रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल अधिकारों के उल्लंघन, बाल विवाह अथवा किसी भी आपात स्थिति में 1098 पर तत्काल संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
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