डोंगरगांव। राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम बेदरकट्टा में शिवनाथ नदी इन दिनों पानी से ज्यादा कथित अवैध रेत उत्खनन को लेकर चर्चा में है। स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार, नदी से नियमित रूप से रेत निकाली जा रही है, जिसे पहले निजी जमीन पर डंप किया जाता है और बाद में बिना रॉयल्टी पर्ची के ऊंचे दामों पर बाजार में खपाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिलसिला अब इतना सामान्य हो चुका है कि सुबह-सुबह रेत निकासी को लोग स्थायी शिफ्ट मानने लगे हैं पहले नदी से रेत, फिर निजी भूमि और अंत में बाजार तक सप्लाई। नियम-कानून मानो मूकदर्शक बने हुए हैं, जबकि अवैध रेत कारोबार निर्बाध रूप से जारी है. सूत्रों के अनुसार, यह कोई नया मामला नहीं है। पूर्व में खनिज विभाग द्वारा कई वाहनों को पकड़े जाने की कार्रवाई भी हुई थी, बावजूद इसके कथित तौर पर रेत उत्खनन और परिवहन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब कार्रवाई के बाद भी कारोबार जारी है, तो इसके पीछे किसका संरक्षण है. ग्रामीणों का आरोप है कि बिना रॉयल्टी रेत की ढुलाई अब क्षेत्र में आम बात होती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो शिवनाथ नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है और वह नदी कम, निजी रेत भंडारण स्थल अधिक बनकर रह जाएगी।
अब देखना यह होगा कि यह मामला केवल चर्चाओं और व्यंग्य तक सीमित रहता है या फिर संबंधित विभाग इस पर ठोस कार्रवाई करता है। इस संबंध में खनिज विभाग अथवा संबंधित अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा.

