छुईखदान। अंकित महोबिया -विकासखंड के शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। समन्वयकों की लगातार लापरवाही और विद्यालयों में उनकी अनुपस्थिति को लेकर प्रकाशित खबर के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। सूत्रों के अनुसार विकासखंड के कई विद्यालयों में समन्वयक नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे हैं जिससे शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी प्रभावित हो रही है। आरोप है कि एक समन्वयक लंबे समय से बीईओ कार्यालय में बैठकर कार्य कर रहा है और फील्ड में जाकर निरीक्षण नहीं कर रहा, जबकि नियमों के तहत विद्यालयों का नियमित मूल्यांकन करना उसकी जिम्मेदारी है। इसका सीधा असर शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। इसी बीच उदयपुर हायर सेकेंडरी स्कूल की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। यहां व्याख्याता और सहायक ग्रेड-2 के पद भरे होने के बावजूद शिक्षक नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। नतीजतन कई विषयों की कक्षाएं समय पर नहीं लग पा रहीं और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि समन्वयकों की निष्क्रियता से विद्यालयों में अनुशासन और निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ गई है। निरीक्षण के अभाव में शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण अभिभावकों ने मांग की है कि समन्वयकों की जिम्मेदारियां स्पष्ट कर नियमित फील्ड विजिट सुनिश्चित की जाए। बीईओ द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार उपस्थिति रजिस्टर और निरीक्षण रिकॉर्ड की जांच की तैयारी की जा रही है। यदि संबंधितों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। लगातार सामने आ रही लापरवाहियों ने जिले की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौट सके।
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