खैरागढ़: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आंकलन परीक्षा (FLNAT) का आयोजन पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला लालपुर में 23 मार्च 2025, रविवार को सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। इस महापरीक्षा का उद्देश्य असाक्षरों को साक्षरता से जोड़ना और उन्हें बुनियादी शिक्षा एवं गणना कौशल प्रदान करना था। इस अभियान में कुल 128 परीक्षार्थी, जिनमें 95 महिलाएं और 33 पुरुष शामिल थे, पूरे उत्साह के साथ परीक्षा में उपस्थित हुए।
उच्चाधिकारियों ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं की सराहना
कार्यक्रम के दौरान DPI कार्यालय रायपुर से सहायक संचालक प्रवीण श्रीवास्तव, JD कार्यालय दुर्ग से सहायक संचालक रचना श्रीवास्तव, और खैरागढ़ छुईखदान गंडई के सहायक नोडल अधिकारी नेहरू वर्मा ने केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा संचालन एवं व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे एक सफल और अनुशासित पहल बताया। इसके अतिरिक्त खैरागढ़ BEO नीलम राजपूत, ABO अमेला जी, डाइट व्याख्याता रचना दत्त, संकुल प्राचार्य वर्मा सर, और समन्वयक प्रयाग सर भी उपस्थित रहे और परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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संपूर्ण टीम ने दिखाया समर्पण और सहयोग
इस परीक्षा केंद्र की अध्यक्षता श्रीमती योगिता बंजारे (माध्यमिक शाला शिक्षिका) ने की, जबकि संपूर्ण परीक्षा संचालन की व्यवस्था प्रधान पाठीका प्रेरणा सिंह, श्री धृतेन्द्र सिंह, मधुलिका सिंह, और संस्कृति सिंह द्वारा की गई। प्रधान पाठीका प्रेरणा सिंह ने बताया कि यह परीक्षा DEO लालजी द्विवेदी, सहायक संचालक रश्मि खरे, BEO नीलम राजपूत, सहायक नोडल अधिकारी नेहरू वर्मा एवं कमल जंघेल के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस आयोजन में वालंटियर टीचर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, रसोइया, सफाईकर्मी आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी परीक्षार्थियों के लिए स्वल्पाहार की विशेष व्यवस्था भी की गई थी, जिससे उन्हें प्रोत्साहन मिला।
साक्षरता की ओर बढ़ता समाज: जन-जन तक पहुंचे शिक्षा का उजियारा
इस महापरीक्षा का आयोजन "सर्व शिक्षा, सर्व साक्षरता" के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। ऐसे अभियानों से असाक्षरों को शिक्षा से जोड़कर सशक्त समाज की नींव रखी जा सकती है। यह कार्यक्रम समाज के हर वर्ग को साक्षर बनाने के लिए प्रेरित करता है और यह संदेश देता है कि शिक्षा किसी भी उम्र में शुरू की जा सकती है।

