
खैरागढ़। ग्राम पंचायत बोरई में पिछले करीब दो दशक से पदस्थ सचिव सुरेश चंदेल के खिलाफ ग्रामीणों और पंचों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। 11 जून को कलेक्टर कार्यलय पहुंच कर कलेक्टर के नाम संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौपा है.ग्रामीणों ने बताया की जमीन मे काम नहीं दिखाई देता और पैसा आहारन कर लिए जाता है. पंचायत के पंचगण एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जनपद पंचायत को आवेदन सौंपकर सचिव को तत्काल हटाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से एक ही पंचायत में पदस्थ सचिव पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरत रहे हैं। आवेदन में कहा गया है कि पंचायत की अग्रिम राशि, विकास कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को पंचों एवं ग्रामीणों से साझा नहीं किया जाता जिससे पंचायत की कार्ययोजना प्रभावित हो रही है और विकास कार्य ठप पड़ रहे हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सचिव का व्यवहार पंचायत प्रतिनिधियों के प्रति उचित नहीं है तथा कई बार पंचों के साथ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। इससे पंचायत में असंतोष का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सचिव को हटाया नहीं जाता तब तक पंचायत में सुचारु रूप से विकास कार्यों का संचालन संभव नहीं है। यही वजह है कि पंचों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर सचिव के स्थानांतरण अथवा हटाने की मांग उठाई है। आवेदन में प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।

