डोंगरगढ़ (सोन कुमार सिन्हा)। जहां प्रदेश के कई हिस्सों में शराब दुकान खोलने की मांग उठती रही है, वहीं डोंगरगढ़ क्षेत्र से लगे ग्राम पंचायत चौथना ने इसके ठीक विपरीत एक मिसाल पेश की है। गुरुवार को आयोजित ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर गांव में प्रस्तावित शराब भट्टी/शराब दुकान का पुरजोर विरोध करने पहुंचे। ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त सामूहिक आवेदन सौंपते हुए वर्ष 2024 में पारित शराब भट्टी संबंधी प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की. ग्रामसभा में ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वर्ष 2024 में पारित प्रस्ताव गांव की वास्तविक जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता था। उस समय पर्याप्त संख्या में ग्रामीण उपस्थित नहीं थे, जिससे अधिकांश लोगों की राय प्रस्ताव में शामिल नहीं हो सकी। अब आशंका जताई जा रही है कि उसी पुराने प्रस्ताव के आधार पर भविष्य में गांव में शराब दुकान खोली जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शराब दुकान खुलने से सामाजिक माहौल बिगड़ सकता है। इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव महिलाओं, बच्चों और युवाओं पर पड़ेगा। उनका मानना है कि गांव का विकास शिक्षा, स्वास्थ्य और सकारात्मक वातावरण से होना चाहिए, न कि ऐसी व्यवस्था से जिससे अपराध, घरेलू विवाद और सामाजिक समस्याएं बढ़ने की आशंका हो। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से मांग की है कि वर्ष 2024 में पारित शराब भट्टी/शराब दुकान संबंधी प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए। भविष्य में किसी भी विभाग द्वारा शराब दुकान या शराब भट्टी के लिए प्रस्ताव अथवा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मांगे जाने पर ग्राम पंचायत किसी भी स्थिति में स्वीकृति न दे। ग्रामवासियों ने एक स्वर में कहा कि वे चौथना को नशामुक्त, सुरक्षित और शांतिपूर्ण गांव के रूप में बनाए रखना चाहते हैं। उनका कहना है कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर सामाजिक वातावरण देना पूरे गांव की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ ग्रामीणों ने शराब भट्टी और शराब दुकान के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की है। ग्रामसभा में प्रस्तुत यह सामूहिक आवेदन अब प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रशासन और ग्राम पंचायत गांव के हित में उचित निर्णय लेगी।
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