खैरागढ़ -सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में चल रहे औचक निरीक्षण और जनसंवाद के क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का केसीजी जिले के वनांचल क्षेत्र ग्राम सरोधी (बकरकट्टा) पहुंचना कई मायनों में खास रहा। यहां चौपाल लगाकर मुख्यमंत्री ने सीधे ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शासन अब केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं बल्कि संवेदनशीलता, सहभागिता और विश्वास पर आधारित एक जीवंत व्यवस्था बन चुका है। सरकार और जनता के बीच संवाद और साझेदारी ही प्रदेश के समग्र विकास की असली ताकत है। सुशासन तिहार के पहले ही दिन उनके इस दौरे ने ग्रामीणों में भरोसा और उम्मीद दोनों को मजबूत किया। चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने वनांचल में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी की और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति जताई। इनमें प्रमुख रूप से सड़क, पुल-पुलिया निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्य शामिल हैं। प्रमुख प्रस्तावित कार्य इस प्रकार हैं गण्डई से बकरकट्टा तक 8 किमी सड़क का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण, तेन्दूभाठा से जोम ओटेबंध तक 4 किमी सड़क निर्माण (पुल-पुलिया सहित), साल्हेवारा-पण्डरापानी-समुन्दपानी मार्ग पर मगुरदा नाला में पुल निर्माण, बकरकट्टा में 108 एम्बुलेंस की स्वीकृति की मांग, कुम्ही से भोथली (मरकाटोला मार्ग) 8.50 किमी सड़क निर्माण, कोपरो-ग्वालगुंडी मार्ग पर दो बड़े पुलों का निर्माण, बैगा साल्हेवारा मार्ग पर 80 मीटर पुल निर्माण, बकरकट्टा से नवागांव तक 2.70 किमी सड़क नवीनीकरण, इसके अलावा सरोधी में मिडिल स्कूल भवन, ग्राम पंचायत भवन और पीडीएस भवन तथा बकरकट्टा में 33 केवी सब स्टेशन की स्थापना भी प्रस्तावित है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे जिन्होंने अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सुशासन तिहार के इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि छत्तीसगढ़ में सरकार जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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