छुईखदान। अंकित महोबिया - हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया, जिसमें युवाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। इस पहल की जहां हर स्तर पर सराहना हो रही है, वहीं एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठ खड़ा हुआ है जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान में रक्त बैंक का भवन पूरी तरह तैयार है तो उसका संचालन अब तक शुरू क्यों नहीं हो सका . प्राप्त जानकारी के अनुसार, छुईखदान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रक्त बैंक भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है, लेकिन आवश्यक संसाधनों और प्रक्रियात्मक बाधाओं के चलते अब तक इसे चालू नहीं किया जा सका है। इसका सीधा असर यह है कि क्षेत्र में आयोजित रक्तदान शिविरों में एकत्रित समस्त रक्त को राजनांदगांव जिला अस्पताल भेजना पड़ रहा है। हनुमान जयंती पर आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि छुईखदान में ही रक्त बैंक प्रारंभ हो जाए, तो यह रक्त तत्काल स्थानीय जरूरतमंद मरीजों के काम आ सकता है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष बघेल ने बताया कि रक्त बैंक भवन तैयार है, लेकिन आवश्यक उपकरण और स्टोरेज व्यवस्था के अभाव में संचालन शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि रक्त को सुरक्षित रखने के लिए विशेष मशीनों और स्टोरेज सिस्टम की आवश्यकता होती है, जो फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति भी अभी तक नहीं हो सकी है। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि रक्त बैंक संचालन हेतु आवश्यक उपकरणों की मांग राज्य शासन को भेजी गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्लड बैंक का लाइसेंस केंद्रीय स्तर (दिल्ली) से जारी होता है, जिसकी प्रक्रिया में समय लगता है। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होते ही रक्त बैंक को जल्द शुरू किया जाएगा।
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