
खैरागढ़। शहर के बहुचर्चित एडवर्ड पार्क मामले मे जिला प्रशासन के निर्देश बाद यथास्थिति बनाए रखने के अपने ही आदेश का पालन कराने मे नगर पालिका के अधिकारियो कर्मचारियो के हाथ पांव फूले हुए है। रसूखदार धड़ल्ले से दर्जनो मजदूर लगाकर काम कर रहा और नपा के जिम्मेदार एक दूसरे का मुंह ताक रहे है जिसके चलते लोगो के बीच मे जिला प्रशासन और नगर पालिका की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगा है कि क्या नियम छोटे गरीब तबके के लोगो के लिए है जिनके मकान दुकान को कभी अतिक्रमण तो कभी आवाजाही मे दिक्कत के नाम पर बुलडोजर से ढहा दिया जाता है और जब पार्क मामले मे गठित जांच समिति ने जॉच पूरी होने तक यथा स्थिति बनाए रखने कहा है तो क्यो नपा जानबूझकर रसूखदार को निर्माण काम कराने दे रही है हालाकि इस मामले मे आयोजित समिति की दोनो बैठक मे अधिकारियो ने नपा सीएमओ को काफी फटकारा भी है लेकिन इसके बाद भी सीएमओ की रसूखदार पर रहमदिली किसी के पल्ले नही पड़ रही है। नोटिस तामीली के समय निर्माण की स्थिति और वर्तमान स्थिति इसका प्रमाण है कि नपा का पूरा अमला धरातल मे काम करने की स्थिति मे नही है।
आदेश कागजों में, निर्माण स्थल पर काम जारी
राजनांदगॉव कवर्धा रोड पर सिविल कोर्ट के सामने जमीन मे अवैध प्लाटिंग की शिकायत पर एसडीएम द्वारा गठित जॉच समिति ने पाया कि उक्त जगह पर अवैध प्लाटिंग हुई है और जमीन सरकारी रिकार्ड मे घास जंगल और पार्क के रूप मे दर्ज है। कलेक्टर के अनुमोदन बाद कारवाई के लिए नपा को अधिकृत किया गया लेकिन नौ महीने तक नपा कागज दबाए रही दुबारा मामला खुलने पर जमीन की वैधता को लेकर शिकायत जॉच के लिए कमिश्रर के निर्देश पर एडीएम की अध्यक्षता मे समिति का गठन किया गया है जिसकी दो बैठके भी हो गई है। दोनो बैठक मे शिकायतकर्ता द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश की अनदेखी को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा आपत्ति करने पर एडीएम सहित अन्य समिति सदस्यो ने भी सीएमओ को निर्माण कार्य प्रारंभ होने की स्थिति मे सामान जप्ती और बिजली कनेक्शन काटने कहा है लेकिन अधिकारियो के उक्त आदेश और फटकार को भी नगर पालिका के जिम्मेदार हवा मे उड़ा रहे है जिसके चलते रसूखदार खुलेआम धड़ल्ले से दर्जनो मजदूर लगाकर काम करा रहा है सूचना मिलने पर अधिकारी बाहर होने और कर्मचारी खुद को छोटा कर्मचारी बता कारवाई करने से हिचकिचा रहे है।
जानकर भी अनजान बन रहा नपा
मौके पर निर्माण कार्य जारी रहने से प्रशासनिक निर्देशों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा हो रहा हैं। मामले में नगर पालिका द्वारा नोटिस तामीली के समय निर्माण की जो स्थिति दर्ज की गई थी, उसकी तुलना वर्तमान स्थिति से करने पर अंतर साफ दिखाई देता है। आरोप है कि यथास्थिति के निर्देश के बाद भी निर्माण कार्य आगे बढ़ा है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि नगर पालिका का अमला आखिर मौके पर कार्रवाई करने में क्यों असमर्थ है। शहर में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या नियम-कानून केवल छोटे और गरीब तबके के लोगों के लिए ही हैं, शहर में अतिक्रमण अथवा आवागमन में बाधा के नाम पर गरीबों के मकान-दुकान पर तत्काल कार्रवाई करने वाला नगर पालिका अमला रसूखदार के मामले में आखिर इतनी नरमी क्यों बरत रहा है। सामान्य शब्दो मे यह मामला प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अनदेखी है लेकिन अनदेखी करने वाला यदि गरीब तबके को हो तो नपा सिर पर बैठकर आदेश की तामीली करवाएगी लेकिन यदि रसूखदार से संबंधित हो तो नियम कानून, बड़े अधिकारियो के आदेश को भी नपा के जिम्मेदार किनारा कर सकते है यह एडवर्ड पार्क मामले मे स्पष्ट पता चल रहा है।
अभी बाहर हूॅ, हाईकोर्ट मे याचिका लगाने की जानकारी है, स्टे हटाने को लेकर कोई निर्देश कोर्ट से नही मिला है। काम यदि चालू है तो सोमवार को आकर कारवाई करूंगा। पुनीत राम वर्मा सीएमओ

