सोन कुमार सिन्हा - राजनांदगांव। जिले में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की खुलेआम बिक्री पर तत्काल रोक लगाए जाने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में चाइनीज मांझा पहले से ही प्रतिबंधित है इसके बावजूद राजनांदगांव जिले में इसका बेधड़क विक्रय जारी है जो आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार चाइनीज मांझे से प्रदेश के विभिन्न जिलों में गर्दन नाक और हाथ कटने जैसी कई दर्दनाक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रायपुर और कवर्धा जैसे जिलों में प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कवर्धा में नगर पालिका निगम के सीएमओ रोहित साहू द्वारा चाइनीज मांझा प्रतिबंध अभियान चलाया जा रहा है जिसकी क्षेत्रवासियों द्वारा सराहना की जा रही है। इसी कड़ी में सामाजिक संस्था छत्तीसगढ़ सेवा कल्याण परिषद के सदस्यों ने जिला कलेक्टर राजनांदगांव को पत्र लिखकर जिले में चाइनीज मांझा बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की अपील की है। परिषद का कहना है कि नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत स्तर पर कर्मचारियों के माध्यम से पतंग और मांझा विक्रेताओं की बैठक बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि प्रतिबंधित सामग्री का विक्रय न किया जाए। इसके बावजूद यदि कोई व्यापारी चाइनीज मांझा बेचते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध गहन जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एवं अन्य अवैध सामग्री की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने हेतु एक विशेष जांच टीम गठित की जाए जो आकस्मिक निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित करे।भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत चाइनीज मांझे से किसी व्यक्ति की मृत्यु या गंभीर चोट होने पर दोषी को अधिकतम 5 वर्ष की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है। यदि इस कृत्य में नाबालिग शामिल होता है तो उसके अभिभावक को भी जिम्मेदार माना जाएगा। वहीं धारा 223 के अंतर्गत प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध (उपयोग, बिक्री या स्टॉक) के उल्लंघन पर आपराधिक मामला दर्ज किए जाने का प्रावधान है। प्रशासन से मांग की गई है कि समय रहते कठोर कदम उठाए जाएं ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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