खैरागढ़। बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज) से पीड़ित बच्चों के बेहतर उपचार और मार्गदर्शन के लिए सिविल अस्पताल खैरागढ़ में टाइप-1 डायबिटीज क्लिनिक की शुरुआत कर दी गई है। यह पहल जिला स्वास्थ्य समिति एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त प्रयासों से संभव हो सकी है। गौरतलब है कि गत 17 जनवरी 2026 को इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के दरबार हॉल में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मुख्य आतिथ्य में पहली बार टाइप-1 डायबिटीज (T1D) रोगियों के लिए रोगी सहायता समूह बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में 17 बाल मधुमेह से पीड़ित बच्चों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया था। इसी दौरान डॉ आशीष शर्मा सीएमएचओ एवं जिला नोडल अधिकारीयो द्वारा T1D क्लिनिक की स्थापना एवं नियमित संचालन का निर्णय लिया गया था। डॉ. गजेन्द्र सिंह (स्वास्थ्य विशेषज्ञ)यूनिसेफ के मार्गदर्शन एवं यूनिसेफ टीम के तकनीकी सहयोग से इस योजना को साकार करते हुए 18 मार्च 2026 बुधवार को सिविल अस्पताल खैरागढ़ में क्लिनिक का शुभारंभ किया गया। इस क्लिनिक में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नीतू बनपुरिया द्वारा मरीजों को परामर्श एवं उपचार सेवाएं प्रदान की जाएंगी। यह सुविधा प्रत्येक माह के हर बुधवार को उपलब्ध रहेगी, जिससे क्षेत्र के बच्चों को नियमित जांच, दवा एवं मार्गदर्शन का लाभ मिल सकेगा। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. पंकज वैष्णव (जिला नोडल अधिकारी, एनसीडी), नागेश सिमकर (सहायक जिला नोडल अधिकारी एनसीडी), आकाश तंबोली (बीपीएम)सहित मरीज एवं उनके परिजन उपस्थित रहे। इस पहल से केसीजी के टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को स्थानीय स्तर पर बेहतर और नियमित स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद है।
Loading...

