रायपुर/डोंगरगढ़। अंकित महोबिया - सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से करोड़ों की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का रायपुर ग्रामीण पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों—राजेश शर्मा (सरकारी शिक्षक) और मनोज कुमार श्रीवास्तव (निजी स्कूल क्लर्क)—को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर 34 लोगों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की।
फर्जी नियुक्ति आदेश से रचा जाल
आरोपियों ने “सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन” के नाम से कंप्यूटर पर फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किए। इन दस्तावेजों में सचिव और उप-सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर तक लगाए गए, जिससे कागजात पूरी तरह असली प्रतीत हों। इन फर्जी आदेशों को व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंचाया गया और उन्हें परिवहन, राजस्व, वन, पंचायत व स्कूल शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया।
शिकायत से खुला मामला
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 24 अप्रैल को राखी थाना में दर्ज शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता राजपाल बघेल ने 5 मार्च को जारी एक संदिग्ध कार्यालय आदेश की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर जांच शुरू की। व्हाट्सएप चैनलों की जांच करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और राजेश शर्मा को डोंगरगढ़ से गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उसके सहयोगी मनोज श्रीवास्तव को भी पकड़ा गया।
कर्ज चुकाने के लिए रची साजिश
पूछताछ में मुख्य आरोपी राजेश शर्मा ने कबूल किया कि उसने कर्ज चुकाने के लिए यह योजना बनाई थी। उसने मनोज श्रीवास्तव को साथ लेकर फर्जी नियुक्ति प्रक्रिया तैयार की और युवाओं से मोटी रकम वसूली।
आईटी एक्ट सहित कई धाराओं में कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 336(3), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। उनके कब्जे से कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं।
जांच में और भी खुलासे
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से 1.9 लाख रुपये लिए थे, जिसे बाद में लौटा दिया गया। हालांकि, अन्य पीड़ितों से कुल मिलाकर करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की जा चुकी थी। पुलिस का मानना है कि यह हाल के महीनों में सामने आए सरकारी नौकरी से जुड़े ठगी मामलों में सबसे बड़ा और तकनीकी रूप से संगठित मामला है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी नौकरी संबंधी ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें और किसी भी प्रकार की राशि देने से बचें।

