डोंगरगढ़। सोन कुमार सिन्हा - नगरीय निकाय क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11 रामनगर स्थित गज़मरा रोड बॉस डिपो के पास प्रसिद्ध शिवधाम पर्वत (श्री जटाशंकर मंदिर) इन दिनों श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। लगभग दो एकड़ से अधिक चट्टानों, छोटे झाड़ के जंगल और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह देवस्थल वर्षों से भक्तों की आस्था का प्रतीक है। 15 फरवरी, रविवार को महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर यहां भव्य पूजा-अर्चना एवं भोजन प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। इसकी जानकारी देते हुए श्री जटाशंकर ट्रस्ट समिति के कार्यक्रम संयोजक जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि बीते वर्षों की तरह इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मंदिर के पंडित विकास चौधरी के अनुसार, छोटे झाड़ के जंगल के बीच स्थित यह शिवलिंग स्वयंभू रूप में प्रकट हुआ है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार समय के साथ आसपास के कई पेड़ नष्ट हो गए, किंतु भक्तों की जागरूकता से यह पवित्र स्थल आज भी सुरक्षित और हरा-भरा है। यहां बड़ी संख्या में पारिजात के पौधे भी हैं, जिन्हें भक्तजन दिव्य उपस्थिति का प्रतीक मानते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि बाबा महाकाल सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। प्रतिदिन यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जनसहयोग से पहाड़ी तक पहुंचने हेतु सीढ़ियों का निर्माण किया गया है। लगभग 20 मिनट में भक्त ऊंची पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंच सकते हैं। महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। ट्रस्ट के सचिव भागवत नामदेव ने बताया कि दिन में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। रात्रि में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी, जो रात 9 बजे तक संपन्न होगी। ट्रस्ट की फाउंडर मेंबर श्रीमती सुषमा कोठारी ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर महाकाल भक्तों के सहयोग से भोजन प्रसाद वितरण किया जाएगा। उपवास रखने वाली माताओं-बहनों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर को विद्युत सजावट और फूलों से आकर्षक रूप से सजाया जाएगा। शिवधाम पर्वत केवल महाशिवरात्रि ही नहीं, बल्कि शारदीय और चैत्र नवरात्रि में भी आस्था का केंद्र रहता है। नौ दिनों तक यहां भक्त माता भक्ति में लीन रहते हैं, जिससे यह स्थल एक समग्र धार्मिक धाम का स्वरूप ले चुका है। ट्रस्ट समिति एवं पदाधिकारियों ने क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं से 15 फरवरी को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
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