डोंगरगढ़। सोन कुमार सिन्हा - पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास, साथ और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। सात फेरों के साथ जीवनभर साथ निभाने का वचन देने वाला यही संबंध जब शक और संदेह की आग में जल उठे तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है इसका मार्मिक उदाहरण डोंगरगढ़ में सामने आया है। ग्राम भैंसरा स्थित बाबा आम बगीचा में 22 फरवरी को नदी किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। महिला की पत्थर से सिर कुचलकर निर्मम हत्या की गई थी और पहचान छिपाने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने अपराध क्रमांक 92/2026 धारा 103(1), 61(2), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतका की पहचान पूर्णिमा नेताम 35 वर्ष निवासी रविदास नगर, राजनांदगांव के रूप में हुई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस का संदेह उसके पति सुनील वंजारी (45 वर्ष) पर गया जो घटना के बाद से फरार था और उसका मोबाइल फोन बंद था।पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल और थाना डोंगरगढ़ की संयुक्त टीम ने लगातार सर्च अभियान चलाकर आरोपी को डोंगरगांव से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। इसी शक के चलते उसने अपने साथी ज्योतिष सिंह नेताम (40 वर्ष) के साथ मिलकर 21 फरवरी की शाम पत्नी को बाबा आम बगीचा ले जाकर पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद खून से सने कपड़े नष्ट करने के लिए अपने परिचित नीलकंठ साहू (71 वर्ष) को दे दिए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस पूरे प्रकरण में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष जायसवाल, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार पम्मार सहित डोंगरगढ़ थाना एवं साइबर सेल राजनांदगांव की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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