राजनांदगांव।सोन कुमार सिन्हा - डोंगरगांव विकासखंड के कबीर मठ धाम नादिया (खुज्जी) में श्री कबीर साहेब मठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरू कबीर संत सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए। फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर से पहुंचे संतों का मुख्यमंत्री ने स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिवर्ष संत सम्मेलन के आयोजन के लिए 11 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही ग्राम नादिया में डोम एवं मिनी स्टेडियम निर्माण तथा राजनांदगांव में कबीर साहेब के नाम से भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि संत सम्मेलन के लिए बजट में नियमित प्रावधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत कबीरदास जी के विचार और संदेश आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि संतों की वाणी मानवता, प्रेम और सदाचार का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कबीर के दोहों का स्मरण करते हुए सभी से सद्गुरू के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और प्रदेश की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों को 10,324 करोड़ रुपये से लाभान्वित किया गया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 8 लाख से अधिक बन चुके हैं। दो वर्ष का बकाया बोनस किसानों को प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 500 शिक्षकों की शीघ्र भर्ती की जाएगी और सरकार स्वच्छ एवं पारदर्शी प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी से मिलकर छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने का आह्वान किया। जिले के प्रभारी मंत्री गजेन्द्र यादव ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए संत परंपरा को समाज की दिशा देने वाली बताया। सांसद संतोष पाण्डेय ने संतों के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि भारत संतों और महापुरुषों की पावन भूमि है। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने संत कबीर के समभाव और भाईचारे के संदेश को आज की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम में पंथ हुजूर मंगल साहेब, संत श्री गिरवर साहेब, साध्वी सुमेधा साहेब सहित अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कबीर पंथ के अनुयायी उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान चौका आरती, सात्विक महायज्ञ एवं भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
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