प्रशासन की तत्परता से टला बड़ा हादसा, आरोपी गिरफ्तार, दोबारा शुरू हुआ कार्यक्रम
डोंगरगढ़।सोन कुमार सिन्हा - विकासखंड के ग्राम पलांदूर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 उस वक्त सनसनी और अफरा-तफरी में बदल गया, जब मंचीय कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने अचानक सरपंच पर चाकू से हमला कर दिया। घटना से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद ग्रामीणों में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो उठा। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों की सूझबूझ, पुलिस की तत्परता और ग्रामीणों की सजगता से बड़ा हादसा टल गया. मिली जानकारी के अनुसार शासन की जनहितकारी योजनाओं और ग्रामीण समस्याओं के निराकरण को लेकर मंच से संबोधन चल रहा था। इसी दौरान ग्राम पलांदूर निवासी जितेन्द्र यादव (36 वर्ष) अचानक आक्रोशित होकर मंच के समीप पहुंचा और सरपंच पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में सरपंच के हाथ में चोट आई, जिन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया. घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, लेकिन मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. सूचना मिलते ही एसडीएम एम. भार्गव मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए कुछ ही देर में सुशासन तिहार कार्यक्रम को पुनः शुरू कराया। अधिकारियों की मौजूदगी के बीच कार्यक्रम बाद में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी और सरपंच के बीच लंबे समय से किसी पुराने विवाद को लेकर तनाव चल रहा था। हालांकि ग्रामीणों ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि शासन द्वारा गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रमों में इस तरह की हिंसक घटनाएं चिंता का विषय हैं। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा सुशासन तिहार 2026 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में समाधान शिविर लगाकर आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान हुई यह घटना प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती नजर आई। फिलहाल एसडीओपी केसरी नंदन नायक पुलिस टीम के साथ गांव में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों ने गांव में शांति, सुरक्षा और विकास का माहौल बनाए रखने की मांग की है, ताकि जनहित के कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संचालित हो सकें।

