खैरागढ़ | अंकित महोबिया ! स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार पर सख्ती दिखाते हुए प्रशासन ने गांजा तस्करी में बार-बार लिप्त पाई गई एक महिला के विरुद्ध कठोर कदम उठाया है। आयुक्त एवं निरुद्धकर्ता प्राधिकारी, दुर्ग संभाग के आदेश पर गांजा तस्करी की आरोपी महिला को तीन माह के लिए केंद्रीय जेल दुर्ग भेजा गया है।. प्राप्त जानकारी के अनुसार अनावेदिका मेहरुननिशा पति ईस्माईल खान निवासी वार्ड क्रमांक 8 थाना गण्डई जिला खैरागढ़-गण्डई-छुईखदान को एनडीपीएस अधिनियम 1988 की धारा 3 सहपठित धारा 11 के तहत निरुद्ध किया गया है. यह कार्रवाई उसकी लगातार और दोहराई जा रही आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए की गई है. पुलिस अधीक्षक खैरागढ़-गण्डई-छुईखदान द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि मेहरुननिशा वर्ष 2023 से अवैध रूप से गांजा के व्यापार में संलिप्त रही है. वर्ष 2023 में उसके कब्जे से 670 ग्राम गांजा जप्त कर थाना गण्डई में अपराध क्रमांक 105/2023, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है. इसके बावजूद आरोपी महिला ने अपनी गतिविधियां नहीं छोड़ीं. वर्ष 2025 में पुनः उसके कब्जे से 105 ग्राम गांजा जप्त किया गया जिस पर थाना गण्डई में अपराध क्रमांक 190/2025, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया. इस प्रकरण में भी उसे जमानत का लाभ मिला लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद भी गांजा विक्रय की शिकायतें लगातार सामने आती रहीं.
न्यायालय में प्रस्तुत शपथपूर्वक बयानों में पुलिस तथा स्वतंत्र साक्षियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी महिला जेल से छूटने के बाद भी अवैध मादक पदार्थों की खरीदी-बिक्री में सक्रिय रही जिससे क्षेत्र का सामाजिक वातावरण लगातार प्रभावित हो रहा था. प्रकरण में उपलब्ध दस्तावेजों, साक्षियों के बयानों एवं अनावेदिका के जवाब पर गंभीरता से विचार करने के बाद आयुक्त एवं निरुद्धकर्ता प्राधिकारी ने यह संतोष व्यक्त किया कि आरोपी की गतिविधियां समाज के लिए घातक हैं और सामान्य कानूनी कार्रवाई से उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है. जनहित और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आदेश पारित किया गया कि मेहरुननिशा को निरुद्ध किए जाने की तिथि से तीन माह की अवधि के लिए केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध रखा जाए.

